Monday, January 11, 2016

तकनीक और नयी उमर का योग

The spirit of Yog(a)
योग का अर्थ है जोड़ना.

एक योगी दो विरोधी से लगाने वाले एक ही सिक्के के अलग अलग पहलुओं का एक साथ समझ कर पूर्णता का अहसास करता है .अगर हम नयी तकनीक पर आधारित बिज़नस मॉडल को ध्यान से देखे तो वह इस दिशा में ही जा रहा है.

उदाहरण के लिए OYO के बिज़नस मॉडल को लें. पहले भी एक तरफ ग्राहक तलाशते होटल थे और दूसरी तरफ उन में ठहरने की चाह रखने वाले लोग. पर सही मायनों में दोनों का मिलन मुश्किल से होता था. ग्राहक हमेशा आशंकित रहता था कि उसे उसकी जरूरत के मुताबिक सुविधायें मिलेंगी या नहीं और होटल वाले इस डर में जीते थे कि उन्हें कम से कम इतने ग्राहक तो मिल जायं कि उनका अपना खर्चा ही निकल जाय.

एक छोटी सी उद्यमियों की टीम ने बस एक मोबाइल एप और कॉल सेंटर बनाया और दोनों तरफ की समस्याएं अपने आप ही दूर होती चली गयी. जरूर इसके पीछे अथक मेहनत लगी होगी और इस टीम ने सूझबूझ तथा धेर्य का साथ नहीं छोड़ा खासकर पूरे काम में पारदर्शिता लाने और मानक (standards) बनाने में.

अब ग्राहक इस विश्वास के साथ होटल बुक कर सकते हैं कि उन्हें चुनी गयी सुविधा वाजिब दामों पर मिलेगी और खाली पड़े होटल भी यकायक भरने लगे (जिनकी सुविधाओं में कमी थी उन्होंने भी अपना जीर्ण उद्धार कर डाला).

यही बात लागू होती है ओला , उबर जैसी टेक्सी सेवाओं पर. बस एक स्मार्ट फ़ोन होने से किसी भी वक्त  बड़े आराम से और ऑटो रिक्शा से भी कम दाम पर कहीं भी टेक्सी मिल सकती है.

online खरीदारी की स्नेपडील, फ्लिप्कार्ट हों या चश्मों के लिए लेंस्कार्ट का बिजनेस ,सब की यही कहानी है.

टेक्नोलॉजी से लैस नयी पीढ़ी की इस नयी फसल ने शायद योग विद्या की पुरानी किताबें नहीं पढी पर उसका इस्तेमाल खूब किया है.


विकास के चरम सुख को भोग कर आज हर कोई योगी बनता जा रहा है.  

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