Saturday, October 27, 2018

सांस तू बोर नहीं होती



आती है जाती है
रुकने का नाम नहीं लेती
इस बोझिल कवायत से
सांस तू बोर नहीं होती 


आने जाने के सिवाय
कुछ नया काम तुझे मिलता है या नहीं
एक सा काम किये जाती है
सांस तू बोर नहीं होती 

एक सा काम किये जाने पर
में तो बड़ी जल्दी बोर हो जाता हूँ
तेरा मिजाज़ कुछ अलग है तभी तो
सांस तू बोर नहीं होती 

तेरे ठहर जाने के बारे में
तू तो नहीं सोचती पर मैं
सोच सोच कर अक्सर डरता हूँ
क्या मेरे डरने के डर से
सांस तू बोर नहीं होती 

इस मतलबी दुनिया में
दिल की धड़कन की तरह
तू मेरी सच्ची मददगार है
वर्ना क्यों ऐसा होता है कि
सांस तू बोर नहीं होती 

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