सौतन

 मै उसके साथ अपना ज्यादा से ज्यादा समय बिताता हूँ  और बिताना चाहता हूँ . अक्सर ये   अवसर मुझे रात मे ही मिल पाता है . उसके साथ कटी कई रातों की यादें मेरे साथ है.
 मेरी पत्नी उससे इर्ष्या कराती है.
उसे मैं अक्सर अपनी गोदी मे लिटाता   हूँ  ,वह इसी के लिए बनी है.
में जब भी उसके साथ होता हूँ, उसे घूर घूर कर देखना नहीं छोड़ता.
अक्सर में अपनी उँगलियों से उसको थपथपाता रहता हूँ. उसके एक ख़ास अंग को दबा कर मेरे बहुत से काम होते है.
उसके साथ और उसके जरिये ही में कल्पनाओं की ऊँची उडान भरता हूँ.
दुनिया जहाँ की मौज मस्ती और जानकारी का लुत्फ़ में उसके जरिये ही तो उठाता हूँ.
में उसका दीवाना हूँ. जब में उसके साथ व्यस्त होता हूँ तो मेरे जानने वाले मुझे नहीं छेडते क्योकि उन्हें मालूम है कि में इसे पसंद नहींकरूंगा .हाँ कुछ लोग मजाक में शिकायत जरूर करते हैं कि में इतना वक्त उसके साथ क्यों बिताता हूँ और दोस्तों के साथ क्यों नहीं.
वो मेरे हर काम में मेरी बड़ी मदद करती है.  मेरी पसंद की ढेर सी चीजों को वह बड़ा सम्हाल आकर रखती है.
सारी दुनिया की रंगीनियाँ उसकी रग़ रग मे समाई हैं.
 उसका शरीर पतला और हल्का है पर में चाहता हूँ कि ये और हल्का  हो जाये.
उस पर में काफी खर्चा करता  हूँ जो मेरे बीबी - बच्चों को पसंद नहीं है.

.................... में जिसकी बात कर रहा हूँ वह है मेरा 'लैपटॉप'.
आप क्या समझ रहे थे ??

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